सप्लाई चेन से जुड़े ऐसे प्रोजेक्ट जो कॉर्पोरेट की सामाजिक ज़िम्मेदारियों (सीएसआर) को निभाते हैं

ऐसी सप्लाई चेन बनाना जिससे ऊर्जा की खपत और कार्बन उत्सर्जन कम हो

अक्टूबर 2019
ऐम्स्टरडैम, नीदरलैंड्स में चीज़ों को फिर से बनाने का कारखाना

Google ने 2016 में कार्बन न्यूट्रैलिटी के 10 साल पूरे होने पर जश्न मनाया था. ऊर्जा बचाने के लिए बढ़-चढ़ कर की गई पहल, अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) की खरीदारी, और कार्बन ऑफ़सेट के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम करने से ही हमें यह सफलता मिल पाई. हमारे डेटा सेंटर दुनिया के सबसे कम ऊर्जा खर्च करने वाले डेटा सेंटर में से एक हैं. हमारे उत्पादों की मांग में बहुत तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, इसके बावजूद हम पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाने में सफल रहे हैं. साल 2017 में, हमने दुनिया भर से अक्षय ऊर्जा की खरीदारी की, जिसकी वजह से वैश्विक स्तर पर हमने अक्षय ऊर्जा की मदद से 100% बिजली की खपत का लक्ष्य हासिल किया. आज हम दुनिया भर में अक्षय ऊर्जा के सबसे बड़े कॉर्पोरेट खरीदार हैं. हमने तीन गीगावॉट से ज़्यादा पवन और सौर ऊर्जा की खरीदारी की है. 1

जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरों से निपटने की कोशिश के तहत Google के सभी संचालन क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता और अक्षय ऊर्जा की रणनीतियों को लागू करना एक ज़रूरी कदम है. अब हम अपनी सप्लाई चेन में इस जानकारी और रणनीतियों को लागू करने के लिए काम कर रहे हैं.

ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करने में बढ़ोतरी

Google अपने स्कोप 1 और स्कोप 2 स्तर के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन को कम करने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य पाने की कोशिश कर रहा है. हम अपने स्कोप 3 जीएचजी उत्सर्जन को कम करने के लिए भी कदम उठा रहे हैं. इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए, हम पर्यावरण प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अपने सप्लायर की मदद कर रहे हैं. इससे वे इस्तेमाल होने वाली पूरी ऊर्जा का ज़्यादा फ़ायदा उठा सकेंगे.

कई सप्लायर ऊर्जा की खपत में समझदारी बरतना चाहते हैं. इसके बावजूद वे ऊर्जा प्रबंधन कार्यक्रमों को लागू करने के लिए ज़रूरी पूंजी, कारोबार करने की प्रेरणा, और विशेषज्ञता की कमी के चलते ऐसा नहीं कर पाते. इसके जवाब में, हमने चाइना नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्टैंडर्डाइज़ेशन (सीएनआईएस) के साथ मिलकर, चीन की ऊर्जा प्रबंधन और प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए तकनीकी पायलट कार्यक्रम शुरू किया. इस मुहिम का मकसद है, चीन में अपने सप्लाई चेन भागीदारों को बेहतर ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली अपनाने में मदद करना, Google के उत्पादन से उनके कारखानों में ऊर्जा की गतिविधि ट्रैक करना, और ऊर्जा की खपत में कमी लाना. साथ ही, संचालन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना.

साल 2017 में अपने दो मुख्य सप्लायर के साथ मिलकर Google और सीएनआईएस ने काम किया था, ताकि इलेक्ट्रॉनिक उद्योग-जगत में ऊर्जा प्रबंधन और ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल के महत्व को समझाने में मदद की जा सके. ये सप्लायर पहले ही ऊर्जा और पैसे बचाना शुरू कर चुके हैं.

एक सप्लायर फ़ैक्ट्री के अंदर का नज़ारा, जिसमें दो लोग कन्वेयर बेल्ट पर बक्से लोड कर रहे हैं.
हम अपने सप्लायर को कम ऊर्जा का इस्तेमाल करने और मज़बूत ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली अपनाने में मदद कर रहे हैं. इसके लिए, हम दूसरे लोगों के साथ एक पायलट कार्यक्रम पर काम कर रहे हैं.

कार्यक्रम की खास जानकारी

पायलट कार्यक्रम का मकसद पूरे चीन में निर्माण के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के लिए रणनीतियां विकसित करने में मदद करना है. इससे ऊर्जा प्रबंधन की सबसे अच्छी प्रक्रियाएं अपनाई जा सकेंगी. साथ ही, ISO 50001 जैसी मानक ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों को अपनाया जा सकेगा. 18 महीने का कार्यक्रम पूरा होने पर, भाग लेने वाली कंपनियों को अपने कारखानों में मज़बूत ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली लागू करने और इसे बनाए रखने के लिए ज़रूरी टूल, संसाधन और विशेषज्ञताएं हासिल करनी होंगी. सीएनआईएस इस कार्यक्रम को प्रायोजित करने वाला मुख्य संगठन है. चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग का समर्थन करने वाला गैर-लाभकारी शोध संस्थान, सीएनआईएस ऊर्जा दक्षता के लिए तकनीकी मार्गदर्शन देता है और राष्ट्रीय मानक तय करता है. कार्यक्रम की मुख्य बाते नीचे बताई गई हैं:

प्रशिक्षण और कोचिंग: निर्माण करने वाली कंपनियां उनके मुताबिक बनाया गया मुफ़्त प्रशिक्षण और खास कोचिंग पाती हैं. इससे वे ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों को लागू कर सकती हैं. साथ ही, ऊर्जा और लागत बचाने के मौके पहचान सकती हैं.

ऊर्जा, लागत की बचत, और उत्पादकता में सुधार: भाग लेने वाली कंपनियां ऊर्जा के इस्तेमाल की बेहतर समझ से ऊर्जा लागत को कम करने और उत्पादन को बढ़ाने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं.

ऊर्जा प्रदर्शन में लगातार सुधार: भाग लेने वाली कंपनियां स्थानीय कानूनों के पालन और मूल्यांकन के ज़रिए ऊर्जा प्रदर्शन में सुधार करना सीखती रहती हैं.

कंपनी की पहचान बनना: कार्यक्रम में भाग लेकर कंपनियां अपने ग्राहकों, नियामकों, और शेयरधारकों को ध्यान में रखकर बेहतर ऊर्जा प्रदर्शन के लिए अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकती हैं.

पायलट 1: Flex

Google ने जुलाई 2017 में, इस कार्यक्रम में एक अनुबंध निर्माण कंपनी Flex को शामिल किया. Flex ने अब तक तीन प्रशिक्षण वर्कशॉप पूरे किए हैं और ISO 50001 मानकों के तहत आंतरिक ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की है. दूसरे वर्कशॉप के दौरान, Flex और सीएनआईएस की टीमों ने चीन के झुहाई और शेन्ज़ेन के Flex कारखानों में ऊर्जा की बचत करने वाले पांच बड़े प्रोजेक्ट की पहचान की. ये प्रोजेक्ट हर साल छह मिलियन किलोवॉट-घंटे (kWh) से ज़्यादा ऊर्जा की खपत करते हैं. ये आंकड़े 3,500 से ज़्यादा चीनी परिवारों की एक साल की ऊर्जा खपत के बराबर हैं.2

इससे हर साल करीब पांच मिलियन किलोवॉट-घंटे (kWh) से ज़्यादा की बचत हो रही है, जो कि सप्लायर पहले से ही अन्य ऊर्जा दक्षता उपायों की मदद से कर रहे हैं. बेहतर लाइटिंग, पानी के बेहतर हीटर और कम ऊर्जा इस्तेमाल करने वाले कंप्रेसर लगाने जैसे नए प्रोजेक्ट के भुगतान की समय-सीमा तीन साल से कम की है. हालांकि, कुछ प्रोजेक्ट की समय-सीमा एक साल से भी कम है. ISO 50001 की मान्यता पाने के लिए, Flex ने कारोबार के संचालन को बेहतर बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों, ग्राहकों, और सहकर्मियों के लिए पर्यावरण के रक्षक के तौर पर अगुवाई की है.

पायलट 2: गोल्ड सर्किट इलेक्ट्रॉनिक्स

गोल्ड सर्किट इलेक्ट्रॉनिक्स (जीसीई) ने 2017 के अंत में पायलट कार्यक्रम में हिस्सा लेना शुरू किया. जीसीई ने ISO 50001 पाने के लिए योजना तैयार की है और उन्हें मार्च 2019 तक प्रमाणपत्र मिल जाएगा. पहले दो वर्कशॉप में, जीसीई और उसके पार्टनर ने तीन ऐसे ऊर्जा संरक्षण प्रोजेक्ट की पहचान की है जिन पर तुरंत काम शुरू किया जाएगा. इनमें प्रकाश दक्षता में सुधार और कंप्रेसर का बदलाव शामिल है. ऐसा करने से हर साल कुल 227,000 kWh की बचत होने की संभावना है. ये प्रोजेक्ट जनवरी 2019 तक पूरे हो जाएंंगे.

जीसीई, Google के ऊर्जा दक्षता के आंतरिक रेट्रोफ़िट प्रोग्राम में भी भाग ले रहा है. इसमें ऊर्जा विशेषज्ञ जीसीई की दूसरी सुविधाओं में बचत के अवसरों का मूल्यांकन और पहचान करेंगे.

ऊर्जा प्रबंधन प्रशिक्षण में जीसीई की भागीदारी की वजह से, अब इनकी टीमें दक्षता उपायों को ट्रैक करने और ज़्यादा से ज़्यादा बचत करने के उपायों को जान गई हैं.

हम इस साल ऊर्जा प्रबंधन के पायलट कार्यक्रम को आखिरी रूप देंगे और ऊर्जा दक्षता में सुधार और जीएचजी उत्सर्जन को कम करने के दूसरे अवसरों को पहचानेंगे. इसके लिए, हम अपने सप्लायर के साथ काम करना जारी रखेंगे.

अक्लहोमा के एक विंड फ़ार्म में पवन चक्की की क्लोज़-अप फ़ोटो.
भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हमारा लक्ष्य यह पक्का करना है कि हमारे 100% सप्लायर के लिए स्वच्छ और कार्बन का उत्सर्जन न करने वाली ऊर्जा के स्रोत उपलब्ध हों. (तस्वीर: ओकलाहोमा में मिन्को II विंड फ़ार्म)

सप्लायर को अक्षय ऊर्जा अपनाने लायक बनाना

हमारी तरक्की के साथ ही, Google अपने डेटा केंद्रों और दफ़्तरों के लिए नई अक्षय ऊर्जा की पहल पर काम करना जारी रखेगा. हम ऐसी दुनिया बनाना चाहते हैं जिसमें सिर्फ़ Google ही नहीं, बल्कि हर कोई साफ़, अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल कर सके. हमारी सप्लाई चेन में निर्माता और विक्रेता शामिल हैं. हमारा लक्ष्य है कि हम अपने सप्लायर की साइट के उन सभी क्षेत्रों में 100% अक्षय ऊर्जा की सप्लाई दे पाएं जहां हमारे उत्पाद बनते हैं.

मौजूदा समय में, ज़्यादातर सप्लायर स्थानीय उपयोगिता ग्रिड पर निर्भर हैं. इनमें कोयला, प्राकृतिक गैस, और दूसरे जीवाश्म वाले ईंधन स्रोतों की मांग ज़्यादा है. ऊर्जा के बाज़ार बहुत ही पेचीदा हैं. यहां कंपनियों के लिए अक्षय ऊर्जा खरीदने के अक्सर सीमित तरीके होते हैं, या बाज़ार इनकी खरीदारी की अनुमति नहीं देता है.

अक्षय ऊर्जा को पूरी तरह से अपनाने में हमारे सप्लायर की मदद करने के लिए, हम सबसे पहले अपने सप्लायर से वे सारे अनुभव साझा करेंगे जो हमें 100% अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के दौरान मिले हैं. हम Google के अंदर ही एक नया कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं, जो सप्लायर को अक्षय ऊर्जा की सेवाएं विकसित करने के लिए ज़रूरी टूल और विशेषज्ञता देने में मदद करेगा. हम अक्षय ऊर्जा का रास्ता बनाने के लिए मुख्य क्षेत्रों में बिजली बाज़ारों को पूरी तरह बदलने की दिशा में भी काम कर रहे हैं. ऐसा करने से हज़ारों सप्लायर, निर्माताओं, और दूसरी कंपनियों को पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा.

पूरी दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा नीतियों और बाज़ार समाधानों की दिशा में काम करके, इस क्षेत्र में विशेषज्ञ बनने के Google की कोशिशों से दूसरी कंपनियों को भी फ़ायदा मिलता है. साल 2015 में, Google ने ताइवान में अक्षय ऊर्जा जनरेट करने वाली एक खास कंपनी से सीधे अक्षय ऊर्जा खरीदने के लिए बात की. जनवरी 2017 में, विचार-विमर्श के दो साल बाद, ताइवान सरकार ने खरीदारों के लिए सीधे अक्षय ऊर्जा खरीद की अनुमति देने के लिए अपने विद्युत अधिनियम में बदलाव किया. इससे सीधे तौर पर उन कंपनियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे जो पर्यावरण के अनुकूल साफ़ ऊर्जा के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करते हुए अपने इंफ़्रास्ट्रक्चर में विस्तार की योजना बना रही हैं. स्वच्छ ऊर्जा की तरक्की के लिए हम ज़मीनी स्तर पर कैसे काम कर रहे हैं, इस बारे में और पढ़ें.

अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में और अवसर पैदा करने के लिए, हम ऐसे संगठन और कंपनियों के साथ हाथ मिलाना जारी रखेंगे जो समान चुनौतियों का सामना कर रही हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि हमें पता है कि हमारे एक साथ आने से हम और भी ज़्यादा मज़बूत बनेंगे.

आगे हम क्या करने वाले हैं

हम अपने सप्लायर के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि वे ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार सुधार कर पाएं और अक्षय ऊर्जा के नए स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ा पाएं. हालांकि, हम अभी तक पूरी तरह से नहीं जानते हैं कि हम अपने लक्ष्यों को कब हासिल कर पाएंगे. हम अपने तय रास्तों को और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम जानते हैं कि अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें दूसरी कंपनी का सहयोग, बेहतर तकनीक, प्रभावी नीति, और नई खरीदारी संरचना की ज़रूरत होगी. हम संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैंं और चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

1 Bloomberg New Energy Finance का वह डेटाबेस जिसमें पवन और सौर ऊर्जा के उन बिजली खरीदारी अनुबंधों (PPA) की जानकारी है जो 31 दिसंबर, 2017 तक किए गए थे.

2 माना जाता है कि चीन में हर घर में सालाना 1,786 kWh ऊर्जा की खपत होती है. जिन गुओ और अन्य, Electricity Demand in Chinese Households: Findings from China Residential Energy Consumption Survey, अमेरिकन काउंसिल फ़ॉर एनर्जी-एफ़िशिएंट इकॉनमी, 2016, https://aceee.org/files/proceedings/2016/data/papers/9_76.pdf.